भारत का जाम अब हटाएगा जापान

भारत का जाम अब हटाएगा जापान 

भारत का जाम अब हटाएगा जापान

इसका मतलब यह हुआ कि अभी आप जब भी घर से निकलते हैं

तो सबसे पहले यही  सोचते हैं कि काश कहीं ट्रैफिक जाम न मिले तो

अब आपको इस चिंता से आज नहीं तो कल जरूर निजात मिलने वाली है।

जी हां दोस्तों, आपने अगर खुद नहीं भोगा होगा तो सुना जरूर होगा कि

जाम लगने से स्कूल बस फंसने से बच्चे भूख प्यास से बिलबिलाए या फिर अखबार के किसी कोने में

यह भी जरूर पढा होगा कि

जाम में फंसी एम्बुलेंस में ही मरीज ने दम तोड़ दिया।

इस तरह की न जाने कितनी खबरें होती हैं जो आए दिन अखबारों की सुर्खियां बनती हैं

लेकिन भारत की सड़कों का जाम सदैव कुम्भकरण की गहरी नींद में ही सोता रहता है।

इसमें कभी कोई सुधार न तो होता है और न ही सुधार की कोई संभावना नजर आती है।

हाल तो यहां तक बद से बदतर हो चुके हैं कि आप दिल्ली मुंबई की बात छोडि़ए

जिला मुख्यालय की सड़कों में भी आप बिना जाम की दहशत लिए नहीं चल पाते।

आप कहेंगे इसका कारण बढा हुआ ट्रैफिक है लेकिन सच केवल इतना ही नहीं है,

इसका सच और भी बहुत कुछ है।

शायद इसी और भी बहुत कुछ को काबू में करने के लिए भारत ने जापान की ओर देखा है।

सच पूछिए तो वाहनों की अतार्किक बढती संख्या ने भारत में ज्यादातर

मानक विहीन सड़कों ने एक ऐसी समस्या खड़ी कर दी है

जिसका जवाब तलाशना बेहद जरूरी हो गया है। शायद ही आपको पता हो कि

यह जाम केवल झुंझलाहट ही नहीं पैदा करता बल्कि यह जाम

समय की ढेरों बर्बादी के साथ ही साथ अरबों रुपए का नुकसान भी करता है।

भारत के शहरों का जाम और जापान 

भारत का जाम हटाएगा जापान केवल एक जुमला नहीं है बल्कि यह एक सच्चाई है कि

भारत के शहरों से जाम खत्म करने के लिए अब जापान आगे आया है।

इसकी शुरुआत भारत के उस विश्व प्रसिध्द शहर से होने जा रही है

जिसे हम आप और पूरी दुनिया सिलिकॉन वैली के नाम से जानती और मानती भी है।

तथ्य यह है कि जापान और बंगलुरू के बीच हुए समझौते के तहत

जापान इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम यानी आई टी

एस के द्वारा भारत के शहरों में उबाल मार रहे जाम को खत्म करेगा।

उम्मीद यह की जा रही है कि भारतीय सड़कों का यह कायाकल्प

सन 2019 में मार्च से प्रारंभ हो जाएगा जो कम से कम

जून 2020 तक अबाध गति से चलता रहेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक का प्रयोग करने से

भारत की सड़कों में बढे हुए बेतहाशा जाम से कम से कम 30 % तक की राहत मिलेगी। 

भारतीय जाम के कुछ तथ्य 

भारत का जाम हटाएगा जापान क्योंकि भारत के बंगलुरू शहर की हालत यह है कि

यहां सुबह और शाम वाहनों की औसत रफ्तार केवल 13 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।

भारत के बंगलुरू शहर से जाम को भगाने के लिए ट्रैफिक

जाम वाले 12 मुख्य स्थानों पर 72 सेंसर लगाए जाएंगे।

सार्वजानिक बसों में 6700 ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम

यानी जीपीएस सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

इतना ही नहीं शहर की 8 लोकेशन पर ट्रैफिक की रफ्तार पर 16 कैमरे नजर रखेंगे।

जहां तक बात बंगलुरू में कुल वाहनों की संख्या का सवाल है तो

यहां पर 14 लाख कारें तथा 50 लाख दो पहिया वाहनों के साथ साथ

2लाख आटो रिक्सा तथा 6 लाख अन्य प्रकार के वाहन हैं।

इसी क्रम में अगर हम बात बंगलुरू की बात करें तो 1981 में यहां की आबादी

महज 29 लाख होती थी जो 1991 में 40 लाख हुई,

2001 में 57 लाख, 2011 में 85 लाख और 2017 में यह आंकड़ा 123 लाख हो चुका है। 

और कहां कहां है यह तकनीक

भारत का जाम अब हटाएगा जापान इस संदर्भ में यह बताना भी जरूरी है कि

जो आई टी एस तकनीक भारत अब जापान से अपने शहरों का जाम हटाने के लिए लेने वाला है

उसे खुद जापान अपने यहां 28 साल पहले से उपयोग कर रहा है।

जी हां दोस्तों, जापान जाम हटाने वाली जो तकनीक भारत को देने वाला है

वह खुद उसका इस्तेमाल अपने यहां 1990 से कर रहा है।

श्री लंका और कम्बोडिया भी जापान की इस तकनीक के दीवाने हैं

शायद यही कारण है वहां यह तकनीक भारत से पहले ही काम कर रही है।

युगांडा भी इसका प्रयोग कर रहा है।

2017 में रूस ने भी इसी तकनीक का सहारा लेते हुए मास्को से

40%जाम की समस्या को कम किया था।

जहां तक बात भारत के बंगलुरू की है तो यह दुनिया में जाना पहचाना शहर है

क्योंकि बंगलुरू में दुनिया की कुछ शीर्ष साफ्टवेयर कंपनियां मौजूद हैं।

शायद तमाम पाठकों को यह बात पता न हो कि 1920 तक

बंगलुरू को बगीचों का शहर यानी गार्डन सिटी कहा जाता था।

1990 के दशक में जब टेक्नोलॉजी की सुनामी की शुरुआत हुई तो

इस शहर में कुछ अच्छे तो कुछ बुरे ढेर सारे परिवर्तन हुए।

आज उन्हीं कुछ परिवर्तनों में यहां की बेतहाशा बढी हुई जनसंख्या भी है।

जाम की समस्या इसी समस्या का साइड इफेक्ट है जिसके लिए

भारत ने जापान की तरफ रुख किया है। 

 

भारत में जाम की समस्या का असली कारण क्या है? 

भारत का जाम अब हटाएगा जापान इसवावाक्य की जगह की जगह

भले ही आप भारत का जाम अब हटाएगा अमेरिका  लिख दें

लेकिन यह उसी तरह बहुत सही नहीं कहा जा सकता है जिस तरह

इलाज से बेहतर है बचाव से अच्छा दुनिया का कोई तरीका नहीं है।

मतलब यह है कि अगर समस्या ही न हो तो समाधान की जरूरत ही नहीं पड़ेगी

इस स्थिति से बेहतर कुछ भी नहीं होता।

भारत में जाम की समस्या के कई महत्वपूर्ण कारण हैं लेकिन सबसे प्रमुख कारण है

यातायात के नियमों को न जानना साथ ही साथ नियमों को न मानना।

कुछ लोग नियम नहीं जानते तो कुछ लोग नियम नहीं मानते।

जो नियम नहीं जानते वह भी सड़क की समस्या बनते हैं और

जो नियम नहीं मानते वह भी सड़क की समस्या बनते हैं।

हम भारतीय जिस दिन नियमों का उल्लंघन शान समझने की बजाय शर्म महसूस करने लगेंगे

उसी दिन इस समस्या ऐ ऐसा निजात मिलेगा जहां जापान की भी शायद ही जरूरत पड़े। 

धन्यवाद 

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 08112018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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