आज राष्ट्रीय किसान दिवस है

आज राष्ट्रीय किसान दिवस है

आज राष्ट्रीय किसान दिवस है।

भारत के हर नागरिक को यह बात बताने की जरूरत नहीं है कि

भारत में राष्ट्रीय किसान दिवस चौधरी चरण सिंह के सम्मान में

उनके जन्म दिन को ही कहा जाता है।

चौधरी चरण सिंह भारत के प्रधानमंत्री होने के साथ ही साथ बेहद पढे लिखे

और जमीनी किसान हितैषी रहे हैं।

इसी सब के कारण उनके जन्म दिन 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

दोस्तों, हम किसान दिवस क्यों मनाते हैं यह बात तो

स्पष्ट है कि हम इस दिन किसानों की बात करना चाहते हैं और वह भी  किसानों के हितों की

क्यों कि चौधरी साहब ने अपने जीवन भर जो भी राजनीतिक पहल की

वह किसानों से परे कभी भी कुछ भी नहीं रहा। 

किसान दिवस और किसान 

आज राष्ट्रीय किसान दिवस है इसलिए आइए आज बात करते हैं खेती और किसानी की।

भारत में खेती और किसानी का हाल यह है कि यहां पर यानी

भारत के 32.87लाख वर्ग किलोमीटर कुल रकबे के 60.3फीसदी क्षेत्रफल में खेती की जाती है।

हमारा देश भारत हर साल  31.36अरब डालर कीमत के कृषि उत्पादों का निर्यात करता है।

भारत और इजराइल के कृषि रकबे की बात करें तो भारत की तुलना में

इजराइल का कुल क्षेत्रफल 20 हजार 770 वर्ग किलो मीटर है। 

इस में कृषि रकबा महज 24.2%है जिसकी बदौलत इजराइल

हर साल 2. 13 अरब डालर का कृषि निर्यात करता है।

भारत की तुलना में इजराइल उन्नत कृषि का जीता जागता प्रमाण बन चुका है

जबकि भारत की हकीकत यह है कि यहां पर 70%किसान ऐसे हैं

जिनकी फसलें बेमौसम बारिश, सूखा, बाढ़ और कीड़े मकोड़े आदि के भेंट चढ़ जाती है।

यह आंकड़ा मन गढंत नहीं है बल्कि यह आंकड़ा सेंटर

फार स्टडी आफ डेवलपिंग सोसायटीज का अध्ययन है। 

किसान और आत्म हत्या 

भारत एक कृषि प्रधान देश है क्योंकि यहां कृषि ही लोगों का मुख्य व्यवसाय है।

आजादी के 70 साल बाद भी कृषि क्षेत्र का योगदान तुलनात्मक रूप से

किसी भी अन्य क्षेत्र से कम नहीं है जो वास्तव में किसी भी प्रकार से हर्ष का विषय नहीं है।

इस सब के बावजूद हकीकत यह है कि भारत का किसान लगभग हर दिन ही नहीं हर पल

अनेकों अनेक कारणों से आत्म हत्या करने पर मजबूर है।

आइए जानते हैं भारत का किसान किन किन कारणों से आत्म हत्या करता है।

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक कुल आत्म हत्या करने वाले किसानों में20.6% किसान

अपने दिवालिया होने या कर्ज के बोझ में दबे होने के कारण आत्म हत्या करते हैं।

20.10% किसान पारिवारिक समस्याओं से निजात पाने के लिए आत्म हत्या करते हैं।

23.20%किसान बीमारी से पीछा न छूटने के कारण आत्महत्या करते हैं।

कृषि संबंधी मसलों के चलते 17.20%किसान आत्महत्या करते हैं ।

4.40%किसान अपनी किसी लत के चलते ऐसा करते हैं। 

देश का किसान और कृषि भूमि 

देश में कृषि भूमि का औसत रकबा हेक्टेयर में कितना है इसकी पड़ताल करें तो

आंकड़े कुछ इस तरह के मिलते हैं।

देश में कृषि भूमि का 17.40 बड़े किसानों के पास तो 5.80%रकबा मध्यम किसानों के पास

2.7%रकबा अर्ध मध्यम किसानों के पास तथा 1.40%रकबा छोटे किसानों के पास

होने के साथ ही साथ सीमांत किसानों के पास 0.4%रकबा है।

इतना ही नहीं अमेरिका के किसानों की तुलना में यदि

हम भारत की बात करें तो हकीकत कुछ और ही नजर आएगी।

अमेरिका का रकबा भले ही भारत से तीन गुना ज्यादा हो

उपजाऊ या खेतिहर जमीन के मामले में दोनों देश लगभग बराबरी पर हैं।

लेकिन विडंबना यह है कि जहां अमेरिका में कृषि से सीधे तौर पर केवल 2%लोग ही जुड़े हुए हैं

भारत में यह आंकड़ा 50 %से भी ज्यादा है।

कहने का मतलब यह हुआ कि देश की आधी जनता खेती किसानी से जुड़ी है

लेकिन इस सबके बाद भी भारतीय किसानों की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा

23122018 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

View all posts by KPSINGH →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *