बी चंद्रकला डीएम यह तो हद है

बी चंद्रकला डीएम यह तो हद है

बी चंद्रकला डीएम यह तो हद है

आप कहेंगे कि मैं कौन सी हद की बात कर रहा हूं तो भाइयों बहनों, 

अब जब भी चोरी, चकारी  मक्कारी, घटियापन , दगाबाजी, दोगलेपन और

बेइमानी की बात की जाती है तो न तो कुछ बुरा लगता है न ही कोई आश्चर्य होता है। 

बस इतना जानने की जरूर इच्छा होती है कि यह सब करने वाला हमारा अपना महापुरुष, 

आखिर है किस जमात का?

डुबोया डीएम का नाम 

कोई जन्मजात भुक्खड़ है या फिर कोई नया नवेला अपने पंजो में खड़ा नकली रईस?

पर हां दिन में ही तारे दिखा देने वाला अफसोस और दुख तब होता है

जब कोई बेहद नामचीन व्यक्ति भी उसी जंजीर में बंधा नजर आता है

जिसमे अभी तक जमाने भर के जाहिल और बेहद मक्कार लोग बंधते आए हैं।

यहां बात उस समाचार और उसके अर्थ की हो रही है जिसके अनुसार

भारत की बेहद चर्चित और कल तक आई ए एस लाबी का कोहिनूर कही जाने वाली

आंध्रप्रदेश मूल की 2008 बैच की आई ए एस अधिकारी

हमीरपुर की पूर्व डीएम रह चुकी बी चंद्रकला पर बेईमानी के संगीन आरोप लगाए गए हैं। 

डीएम बी चंद्रकला पर आरोप 

कल तक ईमानदारी का पर्यायवाची बनी रहने वाली आई ए एस अधिकारी

बी चंद्रकला पर आज आरोप यह है कि जब वह हमीरपुर में डीएम थीं तो

उन्होंने अपने ईमानदारी वाले मुखौटे के पीछे असली मुखौटा लगा कर खनन घोटाले में संलिप्त थीं। 

सपा शासनकाल में यह खनन घोटाला लाखों करोड़ों का हुआ है

और इसी घोटाले पर केस दर्ज करके सीबीआई ने डीएम चंद्रकला समेत

12 अन्य लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया है।

बानगी के तौर पर बी चंद्रकला के ही साथ एम एल सी रमेश मिश्रा नामित हैं।

सीबीआई का कसा सिकंजा 

सी बी आई ने 2008 बैच की आई ए एस अधिकारी और फिलहाल स्टडी लीव पर चल रहीं

बी चंद्रकला के लखनऊ स्थित फ्लैट समेत अन्य जिलों

में खनन विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी की है।

सीबीआई को इन छापों में अहम सुराग के पुख्ता दस्तावेज भी मिले हैं ।

ध्यान रहे बी चंद्रकला का निवास लखनऊ में योजना भवन के पास ही

सेफायर होम्स एंड विलाज अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 101में है।

बी चंद्रकला के नोएडा  स्थित आवास पर भी सी बी आई ने छापा मारा है।

सीबीआई ने डीएम बी चंद्रकला के लखनऊ में योजना भवन के पास स्थित फ्लैट समेत

बैंक लाकर व दो खातों को सीज करते हुए  हमीरपुर, जालौन,

नोएडा कानपुर व दिल्ली में भी छापा मारा है।

खनन ने खोदी सबकी कब्र 

सीबीआई दो साल से खनन घोटाले की जांच कर रही है,

कहा जा रहा है कि जांच में यह सामने आया है कि  हमीरपुर की तत्कालीन

डी एम चंद्रकला ने 13 अप्रैल 2012 से 6 जून 2014 के मध्य अपने कार्यकाल के दौरान

खनन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ

मिलकर 50 से ज्यादा खनन के पट्टे नियमों की अनदेखी कर के जारी किए हैं।

बिना ई – टेंडर के पट्टे दिए गए हैं और पुराने पट्टों की मियाद भी बढ़ाई गई है।

सी बी आई को इस मामले में सपा के गायत्री प्रजापति

सहित सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक की लगभग तलाश है। 

कौन हैं बी चंद्रकला डीएम और क्यों हो गई हद? 

डी एम चंद्र कला का जन्म 22/9/1979 को

तेलंगानाके ककरीम नगर में अनुसूचित जनजाति  परिवार में हुआ था।

इंटर तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय के बाद बी ए किया।

बीए के दूसरे साल में शादी हुई लेकिन पत्राचार से इन्होंने एमए किया था अर्थशास्त्र विषय में।

यह आंध्र प्रदेश पीसीएस टापर थी और जब आई ए एस परीक्षा में सम्मिलित हुईं

तो पहली ही बार में प्री निकाल लिया लेकिन इनका चयन चौथी बार में हुआ था।

शुरुआत में मथुरा बुलंद शहर की डीएम बनीं लेकिन पहली पोस्टिंग इलाहाबाद थी,

जहां यह कुछ दिन एस डी एम भी थीं ।

जब यह आई ए एस बनी थीं तो उसी साल इनकी आय

10 लाख से अचानक बढ़ कर एक करोड़ होने पर पहला विवाद हुआ था। 

ग भले ही पढे लिखे नहीं हैं वह भी फेसबुक मे या सोशल मीडिया में

इस खास आई ए एस अधिकारी बी चंद्रकला को केवल इसलिए जानते हैं कि

यह महिला भारत की 10 काबिल और पब्लिक में

खासी चर्चित महिला आई ए एस अधिकारी हैं जो आन स्पाट फैसला करने में विख्यात हैं।

बी चंद्रकला 2008 बैच की वह अधिकारी हैं जिन्हें फेसबुक में कई बार

लोगों ने प्राईमरी स्कूल के बच्चों से लेकर बड़े बड़े अधीनस्थ

अधिकारियों तक से बात करते हुए देखा है।

लोगों ने इसी क्रम में अध्यापकों को डांटते हुए और अधीनस्थ कर्मचारियों पर

खासा दबाव बनाते हुए और स्थल निरीक्षण में बड़ी बड़ी कार्रवाई करते हुए देखा है।

युवाओं में खासी चर्चित आई ए एस अधिकारी बी चंद्रकला बहुत ईमानदार और

 सजग अधिकारी के रूप में जानी जाती रही हैं।

लेकिन यह अपने आप बेहद शर्म और ग्लानि की बात है कि वह भी

उसी फालतू की अंधी दौड़ में शामिल दिखीं जहां

पहुचने के लिए दुनिया के सबसे बुरे और मक्कार लोग हर क्षण तैयार रहते हैं। 

कोई कैसे बनता है आई ए एस 

दोस्तों, भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा  केवल भारत में ही सबसे कठिन परीक्षा नहीं है

बल्कि विश्व की किसी भी परीक्षा से कहीं ज्यादा गंभीर और गरिमापूर्ण परीक्षा है यह।

इसमें केवल शामिल होने का भी अगर कोई मन बना

ले तो उसे उसके आसपास के लोग हैरत से देखने लगते हैं।

इस कंडिशन से आप खुद अंदाजा लगाइए इस परीक्षा के दोनों चरणों

 यानी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा  (ध्यान रहे आई ए

एस में मुख्य परीक्षा से अलग नहीं माना जाता साक्षात्कार जबकि

राज्य सिविल सेवा में साक्षात्कार को तीसरा चरण माना जाता है) 

को सफलता पूर्वक पार करके जो अखिल भारतीय सेवाओं के साथ साथ

अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए चुने जाते हैं वह कितने धन्य भाग्य होते हैं।

गरिमामयी परीक्षा का गौरव 

इस नकल विहीन परीक्षा में पास होना भारतीय युवाओं के लिए

चांद तारे तोड़ कर लाने से भी ज्यादा कठिन माना जाता है।

ध्यान रहे इस परीक्षा को केवल पास करना ही जब इतना महत्वपूर्ण है

तो आप अंदाजा लगा सकते हैं जो इस परीक्षा की

सबसे अच्छी मेरिट के बाद डीएम बनते हैं तो यह कितनी खास और विशिष्ट बात है।

लालच ले डूबा डी एम को 

इसके बाद भी लालच इंसान को उसके कर्मों के फलो के कारण कहाँ से कहाँ पहुंचा देता है।

कल तक जिस बी चंद्रकला का नाम भारत की दस सबसे चर्चित

महिला आई ए एस अधिकारियों में लिया जाता था आज खुलासे के बाद

वह आज भारत की सबसे करप्ट महिला अधिकारिियों में शामिल होने के साथ साथ

भष्टाचार की मिसाल गायत्री प्रजापति के साथ नामित हैं।

इसे ही कहते हैं बी चंद्रकला डी एम यह तो हद है।

शायद भारत का बच्चा  बच्चा  यह जानता है कि एक डीएम होना कितने गौरव की बात है

लेकिन सबसे बड़ा सच यह है कि अपनी महानता को बरकरार रखना

दुनिया की सबसे बड़ी गौरव की बात होती है और यही बी चंद्रकला हासिल नहीं कर पाईं।

2008 में यूपीएससी की परीक्षा में 409 वीं रैंक हासिल करने के बाद भी

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए आई ए एस में सिलेक्शन पाने वाली

बी चंद्रकला को उसी तरह खरा होना चाहिए था

जिसकी वजह से शादी के बाद यह इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाई थीं। 

धन्यवाद 

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 06012019

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मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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