होली के रंग की विशेषताएं, features ऑफ़ coloures ऑफ़ holi

होली के रंग की विशेषताएं, features ऑफ़ colour of holi

रंग: फागुन माह में प्रकृति के साथ साथ परतयेक वयकति पर रंगों का खुमार चढने  लगता है। ऐसा लगता है कि हर कोई रंगों में डूबना चाहता है। लेकिन आधुनिक  दुनिया में इस  festival को लेकर बहुत  बदलाव हुए हैं।गांव शहर में हफतों पहले  टेसू, पलाश के फूलों से रंग तैयार होने लगते हैं।

अभी तो सब रंग बना -बनाया मिल जाता है। एक दूसरे घर पर होली मिलन समारोह होती है। आज भी याद है अौर लोग  याद करते हैं।असली होली तो वही होती है जिसका रंग महीनों न छूटने पाए।जब पूरे परिवार के साथ साथ अनय लोग होते हैं तब न festival का खुशियां मिलती है। होली के रंगों की विशेषताएं के बारे में जानकारी दे रहे हैं;

लाल रंग-

लाल रंग हमारी शारीरिक ऊ्रजा को प्रभावित करता है।जो सुहाग तथा प्रेम का प्रतीक ,क्रोध और संघ्रष का पारिचायक है यह रंग हर शुभ काम में अपनी भूमिका निभाता है कभी कपडे के रूप में, कभी फूलों के रूप में,तो कभीकुमकुम के रूप में। ।यह रंग उतप्रेरक,उतेजक तथा जोशीला होता है।

गुलाबी रंग

जब दिल ,दिलदार होता है आैर धडकने तेज होती है तब गुलाबी फूल किसी को दिया जाता है। यहकोंलता और सुंदरता का प्रतीक है।साथ ही नेतृतव की भावना तथा भीतरी ऊरजा का संचार करता है।

पीला रंग

पीला रंग ,प्रकाश,light,तथा प्रसंनता का प्रतीक होता है। इसे सूरय रंग भी कहा जाता है। इस रंग से प्रकाश तथा knowledge फैलता है। यह रंग हर धा्रमिक आयोजन म्ं शुभ माना जाता है मन में सत्रकता बढाती ,आध्यामिक उर्जा को भी इससे बढावा मिलता  है। लिवर एवं त्वचा का रंग होने के कारण शरीर में उत्पंन विषा्कत पदारथ को दूर करने में अह्म भूमिका निभाता है।

हरा रंग

यह रंग हरियाली और प्रकृति का  प्रतीक है तथा हरे रंग का स्वागत करने के लिए ,रितुआे का राजा बसंत भी कोई कसर नही छोडता है।इस महीने खेतों में हरे ,पीले -फूल के कलीनें दिखाई देती है।चिकित्सा भाषा की दृष्टि से यह गहरी सांस का रंग है।दूर तक फैले खेत,फूल तथा हरियाली व्यकति में नया जीवन भर देते हैं।

नीला रंग

आसमान एवं समुद्र दोनो ही नीले होते हैं। उसी तरह यह रंग एकता ,शांति,वफादारी और सत्रकता का प्रतीक है। मानसिक आराम देने वाली यह रंग आँखों को भी आराम देती है।इस रंग प्रभाव हमारे मनोभावो एवं मूड पर अच्छा प्रभाव डालता है।

नारंगी रंग

हमारे जीवन में राजसी ए्शवरय् और वीरता का घोतक है तथा रा्ष्टीय झंडे में इसी रंग का समावेश हुआ है।खुशी एवं उत्साह का प्रतीक है। हमारी भावनाआें को सक्रिय करने के लिए अच्छा साधन है।

सफेद रंग

एकता,शुध्दता,सत्यता तथा उज्जवलता का प्रतीक  है। हमारे मन में जो बुरी भावनाएं हैं उसे दूर  भगाने वाला यह रंग है । पवित्रता का प्रतीक,इस रंग को प्रिय मानने वाला व्यकति शांतिप्रिय माना जाता है घर में भी सफेद रंग साज- सजा से रोगाणुरहित वातावरण नि्रमित होता है।

निष्करष:

होली के उ्त्सवों में जब ये रंग  दस्तक देते हैं तो प्रत्येक जिन्दगी में रंग के साथ साथ खुशियाँ घुलने लगती है। बाग -बगीचे विभिन्न प्रकार के ओढनी लिये,ढके एवं खिले हुए सु्न्दरता  से सराबोर मिलते हैं।यह हमारे जीवन की खुशियाँ हैं जो प्राकृतिक रूप से हमारे लिये  ईश्वरीय वरदान  God Gifted है।

।।न जाति का बंधन, न उ्म्र की कोई सीमा, मस्ती भरी होगी अबकी बार आपकी होली।।

 

 

 

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