आखिर  कब  तक,  संघर्ष अब नही Aakhir kb tk Snghrsh Ab Nahi 

 आखिर  कब  तक,  संघर्ष अब नही

Aakhir kb tk Snghrsh Ab Nahi 

संघर्ष : नमस्कार मेरे प्यारे दोस्तों आज मैं अपने इस लेख के माध्यम से यह बताना चाहता हूं कि सफलता बहुत मुश्किल से मिलती है  और इसके लिए बहुत   संंघर्ष करना  पड़ता है।

धनवान भिखारी

      आजकल अपने पैरों पर खड़ा होने के  चक्कर में लोग बहुत जल्दी ही काम तलाशने लग जाते हैं और इस संसार में उन्हें चार तरह के काम ही नसीब हो पाता है ,भिखारी का काम,नौकरी का काम,बेरोजगार रहना और व्यापार-धंधा ।इसके अलावा और कोई काम हाथ नही लगता ।

सभी सोंचते हैं कि इन कामो में से सबसे अच्छा काम नौकरी करना ही होता है मगर आजकल प्रतिस्पर्धा (competition) भरे जमाने में नौकरी भी आसानी से कहाँ किसी को मिल पाती है कुछ लोग समझते हैं कि नौकरी चाहे कितनी भी बड़ी हो उसके ऊपर कोई तो हुकुम चलाने वाला मालिक होता है जिसके नीचे नौकर बनकर काम करना पड़ता है ।नौकरी भी तो किश्मत वाले को ही नसीब होती है ।

भिखारी: भीख मांगने वाला।

नौकरी:नौकर का काम करने वाला।

बेरोजगार:बेकार रहने वाला (घुम्मकड़)।

व्यापारी:व्यापार करने वाला ।

परन्तु मेरे सोंच से कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता । क्योंकि आप लोगों ने देखा ही होगा , कि एक भीखारी भी कितने शान से मांगते रहते हैं।

 

व्यापार करने से सफलता जल्दी मिल सकती है अगर साझेदारी से किया जाये तो,क्योंकि  अकेले व्यापर-धंधा करने वाले को भी सफलता मुश्किल से मिलती है ऐसे में  व्यापार सहयोग और साझेदारी से किया  जाये तो सफलता अवश्य ही मिलती है ।तो संघर्ष अब और नही ।मैं आपको एक ऐसी संस्था splcwo( स्पेशल चाइल्ड वेलफेयर ओर्गनाइजेसन) अर्थात विशेष बाल कल्याण संस्था के बारे में अवगत कराना चाहता हूँ ,जो सहयोग और साझेदारी के माध्यम से ही बना है जिसमे आप भी अपने सहयोग और साझेदारी के माध्यम से जुड़ सकते हैं।

नोट: इस संस्था के और अधिक जानकारी के लिए ऊपर लिखे नीले रंग में लिखे  सहयोग और साझेदारी लिंक पर क्लिक करें। या www.splcwo.org  पर क्लिक करें।

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5 Comments on “आखिर  कब  तक,  संघर्ष अब नही Aakhir kb tk Snghrsh Ab Nahi ”

  1. हमेशा राजा बनने की चाह होनी चाहिए नॉकर नही
    चाहे क्यों न चाय ही बेचना पड़े

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