सहजन (मोरिन्गा)के फायदे और नुकसान Moringa benefits and side effects

 सहजन (मोरिन्गा) के फायदे और नुकसान Moringa benefits and side effects

सहजन  के फायदे:-

दोस्तों नमस्कार, आज हम इस पोस्ट में सहजन के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे।

  सहजन के बारे में :-     

सहजन या ड्रमस्टिक की फली के बारे में तो हम सभी जानते हैं। इसका वनस्पतिक ंंनाम ंंमोरिन्गा ओलिफेरा हैं। हमारे जीवन में सहजन के बहुत सारे फायदे हैं।

सहजन की जानकारी :-

             यह लगभग हर घर मे बनती हैं। खाने में तो सहजन का स्वाद खूब भाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं इस फली और इसके पेड़ के भी स्वास्थ्य के लिये कईं फायदे हैं।  इसमें प्रोटीन, अमिनो ऐसिड, बीटा कैरोटीन और विभिन्न फीनाँलिक होते हैं। सहजन की पत्तियों को ताजा या पाउडर के रूप में भोजन के पूरक के रूप ंंमे प्रयोग किया जाता सकता है। सहजन के पौधे में जड़ से लेकर सहजन के फूल और पत्तियों  तक सेहत के गुण भरे हुए हैं। सहजन के ताजे फूलों का प्रयोग हर्बल टॉनिक बनाने में किया जाता है वही इसकी छाल का प्रयोग गोंद बनाने में किया जाता है।

 सहजन में मौजूद मुख्य पोषक तत्व :-

  1. सोडियम  (Sodium)
  2. विटामिन ई (Vitamin E)
  3. विटामिन-सी (Vitamin C)
  4. विटामिन ए (Vitamin A)
  5. जिंक फास्फोरस  (Zinc Phosphate)
  6. काँपर (Copper)
  7. रिबोफ्लोविन (Riboflovin)
  8. थायमीन (Thymine)
  9. पोटेशियम  (Potassium)
  10. विटामिन बी 1 (Vitamin B1)
  11. विटामिन बी 2 (Vitamin B2)
  12. विटामिन बी 3 (Vitamin B3)
  13. विटामिन बी 5 (Vitamin B5)
  14. विटामिन बी 6 (Vitamin B6)
  15. कैल्शियम (Calcium)
  16. ऑक्सालेट (Oxalate)
  17. डिएटरी फिब्रेस (Diatri Fibres)
  18. वाटर कार्बोहाईड (Water Carbohyd)

सहजन के फायदे:-

1. त्वचा के लिए :-

           सहजन में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जिसके कारण यह त्वचा को जवां बनाकर बढ़ती उम्र को कम करता है। सहजन के बीज के तेल से त्वचा की मालिश करने से त्वचा में चमक बनी रहती है। त्वचा को कोमल और चमकदार बनाने के लिए सहजन के बीज के तेल से मालिश करें।अगर आपके चेहरे पर पिंपल्स रहते हैं तो सहजन का सेवन करें। सहजन खून को साफ करता है जिससे स्किन से जुडी प्रॉब्लम दूर हो जाती है।

2. सूजन और घाव के लिए :-

           शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन और घाव है तो सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल करें। सहजन की पत्तियां पानी के साथ पीसकर सूजन और घाव वाले भाग पर लगाने से सूजन और घाव ठीक हो जाते हैं।

3. बी पी के लिए:-

             सहजन की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से उच्च रक्तचाप कंट्रोल हो जाता है। अगर आप को उल्टी आ रही है या घबराहट हो रही है तब भी सहजन की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी लें। इससे बहुत आराम मिलता है।

4. सिर दर्द के लिए:-

            अगर आपके सिर में दर्द हो रहा है तो सहजन के बीज को घिसकर सुंघे। इससे फायदा होता है सहजन की पत्तियों का पेस्ट बनाकर सिर पर लगाने से सिर दर्द में बहुत आराम मिलता है।

5. ंंमोटापा कम करने के लिए:-

            फास्फोरस की अधिक मात्रा होने के कारण यह शरीर में जमा अतिरिक्त वसा और अतिरिक्त कैलोरी को कम करता है। जिससे मोटापा कम हो जाता है। अगर आप मोटापा कम करना चाहते हैं तो सहजन की पत्तियों का रस निकालकर रोजाना पीएं।

6. ंंमोच ठीक करने के लिए:-

               सहजन की पत्तियाँ मोच ठीक करने में इस्तेमाल की जाती है। सहजन की पत्तियों को सरसों के तेल में पकाए अब इस तेल को ठंडा करके मोच वाले भाग पर लगाएं।

7. पथरी के लिए:-

                 सहजन की फली भी  खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होती है। इसकी फली की सब्जी खाने से मुत्राशय और गुर्दे की पथरी पिंघल  कर पेशाब के रास्ते निकल जाती है।  सहजन की फली की सब्जी खाने से कब्ज में भी आराम मिलता है।

8. दांत और हड्डियों के लिए:-

                  सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है इसलिए रोजाना किसी न किसी रूप में सहजन का सेवन करने से दांत और हड्डियां मजबूत होती हैं।

9. जुकाम के लिए –

              सहजन की पत्तियों को पानी में उबालें और इसकी भाप ले। इस भाप को लेने से सर्दी के कारण बंद कान, नाक खुल जाते हैं और शरीर की अकड़न भी दूर हो जाती है।

10. ंंमसुडो के लिए:-

                अगर आपके दांतों में कीड़ा लगा है या आपके मसूड़ों से खून आता है तो सहजन की पत्तियों को चबाकर खाएं। सहजन की पत्तियां खाने से दांतों में कीड़ा नहीं लगता और मसूड़ों से खून आना भी बंद हो जाता है।

11. पाचन के लिए:-

                सहजन की पत्तियों का रस पीने से पाचन से जुड़ी सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। अगर आप को पेचिश, दस्त, हैजा और पीलिया जैसे पाचन से जुड़ी परेशानी है तो नारियल पानी में सहजन की पत्तियों का एक चम्मच रस, एक चम्मच शहद मिलाकर पिए।

12. खून की कमी के लिए:-

                   सहजन में आयरन की अधिक मात्रा पाई जाती है। जिसके कारण यह खून को साफ करके खून की कमी को दूर करता है। एनीमिया में भी सहजन का सेवन लाभकारी है।

13. पेट के कीडे के लिए –

                      अगर आपके पेट में कीड़े हैं तो सहजन के फूलों का इस्तेमाल करें। सहजन के फूलों के इस्तेमाल से पेट के कीड़े कम हो जाते हैं। इसके साथ ही सहजन के फूल वात और पित में संतुलन बनाए रखते हैं।

14. गर्भवती महिलाओं के लिए:-

                    जो महिलाएं मां बनने वाली हैं उनको सहजन की फली की सब्जियां खानी चाहिए। सहजन की फली की सब्जी खाने से डिलीवरी के दौरान होने वाला दर्द कम होता है और होने वाला बच्चा भी सेहतमंद होता है।

15. कान दर्द के लिए –

                    कान के दर्द को ठीक करने के लिए भी सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। कान में दर्द होने पर सहजन की पत्तियों का रस कान में डालने से कान दर्द में आराम मिलेगा।

सहजन के नुकसान:-

  • रक्त स्राव विकार होने पर सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

  • जिन लोगों का पेट संवेदनशील है या जिन्हें गैस की प्रॉब्लम है वह लोग सहजन का सेवन ना करें।

  • सहजन के सेवन से ऐसे लोगों के पेट में जलन बढ़ सकती  है।

  • सहजन पित बढ़ाता है इसलिए मासिक धर्म के समय इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

  • मां बनने वाली औरत केवल सहजन के फल का इस्तेमाल करें। सहजन के फूल, छाल और जड़ का इस्तेमाल किसी भी रुप में ना करें।

  • प्रसव के कुछ हफ्तों बाद इसका सेवन कर सकते हैं। लेकिन प्रसव  के तुरंत बाद सहजन का सेवन किसी भी रुप में करना हानिकारक है।

 दोस्तों, उम्मीद करता हूं कि  आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी।  कृपया आप इस पोस्ट को शेयर व कमेंट जरुर करें।

धन्यवाद।

लेखक:- बलजीत यादव

 

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