आस्‍था के नाम पर लूट

आस्‍था के नाम पर लूट

आस्‍था के  नाम पर लूट-  मै  आज वताने जा रहा हॅू कि इस भारत में आजकल सभी देवी देवताओं को मानते है। उनकी पूजा याचना करते है उनपर प्रसाद भी  चढाते है। लेकिन यह किसी को पता नही है कि उन मंदिरों या धार्मिक स्‍थानों पर कितना लूटा जा रहा है। उनमें से कुछ स्‍थानों के नाम बताने जा रहा हॅू जहॉ पर अधिकतर ऐसी घटनाओं का सामना करना पडता है।

1 काली देवी का मंदिर लखना

इस मंदिर में जाने वाले वही से प्रसाद का सामान खरीदते है। लेकिन उनको ये पता नही होता है।

कि जो प्रसाद ले रहे है वह पहले से ही उस मंदिर पर  चडा हुआ होता हैं।

उस प्रसाद में कोई भी सुद्धता नही होती हैं। जैसे मिठाई मे चीनी के अलावा कुछ नही होता हैं।

वो भी कैई वार मंदिर पर चडी हुई होती हैं और 100 ग्राम मिठाई को वहॉ पर 50 से 100 रू में देते है।

वहॉ पर प्रतेक सामिग्री बहुत मेहगी मिलती है। वहॉ पुजारी कहते है कि यहॉ पर 501 या 1001 रू चढाईये पभी तुम्‍हारी मनोकामना पूरी होगी।

इस तरह से उस मंदिर में आस्‍था के नाम पर लूटा जा रहा है।

इसलिए वहॉ पर कोई जाता है तो उसे  अपने घर  से प्रसाद लेके जाना चाहिऐ।

2 केला मॉ का मेदिर करौली

इसी प्रकार कैला मॉ के मंदिर में जो नारियल चडाते है  तो वहॉ के पुजारी सजा नारियल चडवाते है।

जबकी नारियल के वहॉ पर फोडना चाहिये।

प्रसाद के अपने घर लेके आना चाहिये।

3 वैष्‍णों देवी का मंदिर जम्‍बू

यहॉ पर लोग जाते है वहॉ पर सोने के वस्‍तु चडाते है लेकिन किसी को यह पता नही चलता है कि वह वस्‍तु सोने कि है या नही लेकित अक्‍सर वहॉ पर सुनार भक्‍तों को अन्‍य किसी      धातु की बनी वस्‍तुओं को देते है जिस पर सोने का पानी चडा हुआ होता हैं।

अगर आपको सोना चढाना है, तो आप अपने घर से लेके जाय और वहॉ  पर चढा सकते हैं वहॉ से नही खरीदना चाहिऐ।

4 वाला जी मंदिर

इस मंदिर पर जो भी जाता है वह वाला जी के दर्शन तक सही से नही कर पाता है।

क्‍योकि वहा पर जो लोग पुलिस को 100 रू दे देता है।

वह लाईन में आगे पहुच जाता है जो नही देता है वह  वही लाईन में लगा रहता हैं।

इस तरह से उस मंदिर पर भी भक्‍तों के साथ लूट होती हैं।

नोट-

अगर आप किसी मंदिर या धार्मिक स्‍थानों पर जाते है। तो प्रसाद घर से  लेकर जाये और अपनी श्रेधा के अनुसार ही रूपये चडायें।

किसी के मागने पर रूपयें न चडायें और आस्‍था के नाम पर अपनी लूट को बचायें।

इस को इतना शेयर करें क‍ि हर मं‍दिर व धार्मिक स्‍थानों पर आस्‍था के नाम पर जो लूटा जा रहा हैं, वह बंद हो जायें।

नोट – नीचे दिये गये टाइटल की  जानकारी के  लिये उस टाइटल पर क्लिक करें।

धन्‍यवाद

                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                      लेखक-   भूपेश कुमार

5 Comments on “आस्‍था के नाम पर लूट”

  1. सच कह रहे हो दोस्त, जिसको जहाँ दाव लगता है वहीं अपनी लूट की दुकान लगाये है |फिर चाहे वो भगवान के नाम पर ही क्यों न हो ?

  2. इसको लूट नही कह सकते। आजकल मूर्ति पूजा में इतनी आस्था बढ़ गई है कि बहुत ज्यादा दर्शनार्थी जाते हैं। लेकिन पूजन सामग्री जो बेचने के लिए लाते हैं वो जल्दी बिक जाती है और समाप्त हो जाती है। अब दर्शनार्थी को तो प्रसाद ,फूल फल चाहिए, तो कहाँ से लावे। उस समय पुजारी ही उसका जरिया है। अंदर भी तो सडेगी। बिकने के बाद शुद्ध हो जाती है। जब पानी के छीटे देने से जगह ओर मनुष्य शुद्व हो सकते हैं तो प्रसाद क्यों नही हो सकता।

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