पत्नी चालिसा

                      पत्नी चालिसा

  

जय जय पत्नी महारानी

कुपा हम पर करो भवानी

हम से ऊचा नाम तोहार है

तुम हो नीचा तो सर है नीचा

दादा सोचीन बाहु जो आई

 

 

सारे घर का स्वर्ग बनाई

जब किनहे घर मा वासा

दादा किन्हे स्वर्ग मे बासा

तुमा ही से घर मथुरा काशी

तुमा ही घर कय सत्य नाशी

तुलसी बाबा नाम कमाईन पत्नी से

जब मुक्ति पाईन

शिवजी तोहरव रीत निराली बगल मे बीबी

सर पे साली

यहय रीत जो हम अपनाई

आपने घर मा हिलईक ना पाई

लेखक अविनाश कुमार श्रीवास्तव

 

 

 

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3 Comments on “पत्नी चालिसा”

  1. पत्नी चालीसा तो ठीक है लेकिन हमको किसी की आस्था की खिल्ली नही करनी ,बीच में नही लाना चाहिए।
    वैसे लेखक स्वतन्त्र होता है कुछ भी लिख दे।

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